1.2.07

सिडनी शेल्डन का देहांत

मेरे पसन्दिदा क्राइम फिक्शन लेखक सिडनी शेल्डन का कल देहांत हो गया।

सिडनी के द्वारा लिखी गई हर उपन्यास को मैने पढा है, उनकी सहज शैली का मैं कायल रहा हुँ।

उनकी अंतिम कृति उनकी आत्मकथा (The other side of Me) को पढकर मुझे अहसास हुआ था कि अगर आदमी चाहे तो क्या नहीं कर सकता।

जमीन से उठकर सिडनी ने जो मुकाम हासिल किया वो प्रशंषा के काबिल है।

उनके धारावाहिक "आई ड्रीम ऑफ जीनी" मेरा पसन्दिदा धारावाहिक था और मेरे जैसे कई अन्य लोगों का भी।

सिडनी के जाने से साहित्य के क्षैत्र में क्या क्षति हुई होगी यह तो मै नहीं जानता, पर मेरे लिए तो व्यक्तिगत क्षति जैसा है। मै उनके अगले उपन्यास का बेसब्री से इंतजार कर रहा था, जो अब नही आएगा।

6 Comments:

Anonymous Anonymous said...

सिडनी शेल्डन को श्रद्धांजलि.
मुझे कुछ ज्यादा ही दुख हो रहा है, क्योंकि वे ही अंग्रेजी के ऐसे लेखक थे जिनका लिखा मेरे पल्ले पड़ता था. :(

11:37 AM, February 01, 2007  
Anonymous Anonymous said...

होता है भाई, दुख होता है। जब रॉबर्ट लडलम का देहांत हुआ था तो मुझे भी दुख हुआ था कि अब किसके उपन्यासों की प्रतीक्षा करूँगा, लेकिन फ़िर ज़िन्दगी चलती रहती है। सिडनी शेल्डन के कुछ उपन्यास मैंने भी पढ़े हैं, पसंदीदा लेखक तो नहीं कहूँगा लेकिन वे उन गिने चुने लेखकों में से एक थे जिनके उपन्यास पढ़ मुझे मज़ा आया था। :)

11:54 AM, February 01, 2007  
Blogger Manish Kumar said...

कमाल के लेखक थे। मैंने काफी पहले उनकी किताब The Other side of midnight or if tomorrow comes पढ़ी थी। suspence thriller mein bhi unki research jabardast hoti thi. Bhagwan unki aatma ko shanti de.

1:03 PM, February 01, 2007  
Blogger ePandit said...

भगवान सिडनी शेल्डन जी की आत्मा को शांति दे।

अब भाई हम जरा इंग्लिश-साहित्य तो पढ़ते नहीं, समझ नहीं आती इतनी हाई-फाई इंग्लिश, एकबार एक उपन्यास पढ़ना शुरु किया था। १० पन्ने पढ़ते-पढ़ते सिरदर्द होने लगा। ले दे कर लड़कपन में हमने जेम्स हेडली चेइज के अनुवादित उपन्यास खूब पढ़े थे। यद्यपि वो कोई एलीट क्लास के लेखक नहीं थे, लिखते तो वैसे ऐस्पनॉज विधा में थे पर काफी पसंद करता था तब मैं उन्हें पढ़ना। जब मैंने जाना कि वो स्वर्गीय हो गए तो मुझे भी दुख हुआ था।

5:42 PM, February 01, 2007  
Blogger ePandit said...

रंग-रोगन अच्छा किया है जी ब्लॉग का, साइडबार में अजेक्स विजेट भी पसंद आए।

इस्मार्ट हो। डाके से बचने के लिए एडवांस में बंदोबस्त कर लिया है। :)

5:46 PM, February 01, 2007  
Blogger Udan Tashtari said...

सिडनी शेल्डन को श्रद्धांजलि.

11:48 PM, February 01, 2007  

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home