समय के साथ चलो, नहीं तो...
समय के साथ चलना कितना जरूरी है?
बेतुका सवाल है ना? सब जानते हैं आज कि तेज भागती दुनिया में समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा, नहीं तो...... भूला दिए जाओगे! सिम्पल.
याहू को बात समझ नहीं आ रही लगता है:
देख लिजीए.. कितनी बासी खबरें दे रहा है! टाटा ने विमान तो कब का उडा लिया, और संजय दत्त की जमानत अवधि भी कब की बढ चुकी है भाई.... जो नहीं बढ रही है वो है यह साइट.
इसके विपरीत एम.एस.एन. की साइट ठीक ठाक अपडेट होती है...
पर इसका जवाब नहीं... बी.बी.सी. हिन्दी सर्वश्रेष्ठ है.
मैने याहू पर खबरे देखने जाना छोड दिया है, एक ग्राहक तो यहीं कम हो गया. :)




4 Comments:
बोले तो टाँय-टाँय फिस... होगा क्या, याहू?
यही हाल रहा तो पूरी ही ग्राहकी बैठ जायेगी. :)
नाम बड़े पर दर्शन छोटे ।
याहू ! चाहे कोई मुझे जंगली कहे। मैं तो अपनी मनकर्जी से ही अपडेट होऊंगा।
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