जब चाहा, जो लिखा
posted by पंकज बेंगाणी at 4:00 PM
पहले सोचा गुपचुप बटन लोड कर लेते हैं पंकज भाई को क्या पता चलेगा! पर मन नहीं माना कि यार जिसने मेहनत की है उसको फल तो मिलना ही चाहिये। अत: यह टिप्पणी कर रहा हूँ इस सुन्दर और उपयोगी बटन के शुल्क के रूप में :) :)
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home
छवि मीडिया एंड कम्यूनिकेशन कम्पनी तथा तरकश नेटवर्क का सी.इ.ओ हुँ. सामान्य ब्लॉग लेखक भी हुँ. बस, काफी है.
View my complete profile
Subscribe toComments [Atom]
1 Comments:
पहले सोचा गुपचुप बटन लोड कर लेते हैं पंकज भाई को क्या पता चलेगा! पर मन नहीं माना कि यार जिसने मेहनत की है उसको फल तो मिलना ही चाहिये। अत: यह टिप्पणी कर रहा हूँ इस सुन्दर और उपयोगी बटन के शुल्क के रूप में :) :)
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home