मुझे भा गया Twenty - 20
मैने अब तक क्रिकेट के Twenty - 20 स्वरूप के विषय में काफी सुन रखा था, और कल भारत और दक्षिण अफ्रिका के बीच हुए मुकाबले को देखने के दौरान इसका प्रत्यक्ष अवलोकन भी कर लिया।
मुझे यह फोर्मेट बहुत ही रोमांचकारी लगा। फटाफट दुनिया में इस तरह के ही फटाफट खेल की जरूरत है। भरपूर मनोरंजन से भरे इस खेल को देखते समय एक सेकंड के लिए भी कुछ और सोचने का समय नही मिलता है।
यह बात और है कि शतुरमुर्ग जैसे बीसीसीआई ने पहले Twenty - 20 क्रिकेट खेलने से ही मना कर दिया था। इसकी कोई ठोस वजह तो उनके पास नही थी पर हम भारत वाले हर नई चीज का विरोध सबसे पहले करते हैं वो भी बिना सोचे समझे।
आखिरकार आई.सी.सी के दबाव में भारत को खेलना तो पडा लेकिन मेरी समझ में यह नही आया कि आखिर बीसीसीआई को तकलीफ क्या है, कि वो Twenty - 20 खेलने से आखिरी वक्त तक इनकार करता रहा?
वस्तुतः हम भारतीय विरोध करने में वर्ल्ड चेम्पियन हैं। कुछ भी हो चाहे लाल झंडे लेकर खडे हो जाएंगे। याद किजीए जब वन डे क्रिकेट का चलन शुरू हुआ था तब भारत ने सबसे पहले विरोध किया था और भारत में तो वन डे क्रिकेट खेला ही नही जाता था। भारत में जो पहला वन डे खेला गया था वो इसके शुरू होने के 9 साल बाद खेला गया था। सोचिए?
खैर, कल भारत आखिरकार जीत ही गया, लेकिन हकिकत यही है कि Twenty - 20 एक ऐसा खेल है जिसमें कोई भी कभी भी जीत सकता है।
इसके कुछ फायदे:
- 3 घंटे में खेल खत्म। (वैसे भी आज की तेज दुनिया में किसी समझदार आदमी के पास समय नहीं है कि पुरे दिन क्रिकेट देखे)
- रात को मैच (दिनभर का काम निबटा कर शांति से मैच देखो, जैसे मुवी देख रहे हो)
- नाच गाना (चौको छक्कों की बौछार के बीच खुबसूरत लडकियों - जिन्हे चीयर्स मेकर्स भी कहा जाता है - को देखने का अमूल्य मौका। महिलाओं के लिए हेंडसम युवकों का भी इंतजाम होता है)
बताइए है ना मजेदार?

3 Comments:
हाँ, अपन को भी यह फ़ॉर्मेट बहुत पसन्द आई। कम समय की विशेषता के अलावा वो लड़कियाँ बढ़िया थीं। :)
बहुत बढ़ियां फार्मेट लगा और इसी बहाने, कम से कम एक बार, भारत जीता तो सही!! इससे ज्यादा में हम लोग थक जाते हैं. :)
भारत जीत कैसे गया इसकी तो जांच करानी चाहिये!
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