2.1.07

जाँच प्रविष्टी

कृपया इस प्रविष्टी को नजरअंदाज करें. यह एक जाँच प्रविष्टी है, जो विंडोज के लाइव-राइटर से प्रेषित हुई है.

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यह एक जाँच प्रविष्टी है, जो विंडोज के लाइव-राइटर से प्रेषित हुई है.यह एक जाँच प्रविष्टी है, जो विंडोज के लाइव-राइटर से प्रेषित हुई है.

6 Comments:

Anonymous Anonymous said...

जी हमने इस प्रविष्टी को नजर अंदाज कर दिया है

12:29 PM, January 02, 2007  
Anonymous Anonymous said...

आपमे कहा था कि अंदाज से नजर करना है सो कर दिया है पर यह समझ में नहीं आ रह किस अंदाज से नजर करना है।

12:31 PM, January 02, 2007  
Anonymous Anonymous said...

भई, नज़र अन्दाज तो कर देते, लेकिन आपका फोटो नारद पर दिख गया, इसलिए इधर आ गए, चलो जाते है, वैसे पाठकों को इस तरस से रुसवा करना
ये
अच्छी
बात
नही
है।

1:07 PM, January 02, 2007  
Anonymous Anonymous said...

ठीक है जी नजरअँदाज कर देते हैं। :)

खुशी की बात है कि मेरे लेख से प्रभावित होकर कुछ चिट्ठाकारों ने 'विंडोज लाइव राइटर' का प्रयोग शुरु कर दिया है।

4:23 PM, January 02, 2007  
Anonymous Anonymous said...

हम तो सिर्फ़ यह कहना चाहते थे कि आपका प्रयोग सफल रहा. मगर आपने नजर अंदाज करने को कह कर जैसे हमारी जुबान पर ताला लगा दिया है, तो हम तो चुप ही रहेंगे. न कुछ बोलेंगे, न ही कुछ छापेंगे.

8:56 PM, January 02, 2007  
Blogger पंकज बेंगाणी said...

@ आशीषजी,

बहुत धन्यवाद.

@ भाईसा,

कोई भी नजर से करो.. आपकी तो हर अदा निराली है

@ ताऊ,

हाये, मेरे फोटु के दिवाने... ना करेंगे आपको रुसवा .. जल्दी ही आ रहे है बन्दर के नए करतब को लेकर

@ श्रीश,

नए मास्साब, हम तो आपसे भी प्रभावित है

@ लालाजी,

हमारी क्या बिसात की आपकी जुबाँ को करे लोक.. :)

11:46 AM, January 04, 2007  

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