23.1.07

अरिन्दमभैया की किताबें

अरिन्दम भाई, अरे वो अपने आई.आई.पी.एम. वाले.. पहचान तो गए ही होंगे आप!

हाँ, उनकी ही बात कर रहा हुँ। बहुत प्रतिभावान हैं। लेखक हैं, पब्लीशर हैं, कई कम्पनीयाँ चलाते हैं, फिल्म निर्देशन भी कर चुके हैं, ब्लोग श्लोग भी लिख ही लेते हैं... और पता नहीं क्या क्या करते हैं और क्या क्या कर सकते हैं। कहने का लेखाजोखा यह कि भई बहुत प्रतिभावान हैं, सिम्पल!!

उनकी प्लानमेन नामक कम्पनी भी फलफूल रही है... और लगभग तो लगता ऐसा ही है कि हर हफ्ते एक नई कम्पनी उनके अम्ब्रेला में आ ही जाती है, अगर ऐसा सम्भव ना भी हो सके तो नई पत्रिकाएँ तो ला ही सकते हैं।

और इन सबके बीच गुणवत्ता की चिंता कौन करता होगा? मैने प्लानमेन की सभी पत्रिकाएँ पढी हैं। चाहे 4PS हो या Business & Economomy या अभी अभी बाजार में आई द सन्डे इंडियन, गुणवत्ता के लिहाज से ये सारी पत्रिकाएँ अपने समकक्ष पत्रिकाओं के आगे कहीं नहीं टिकती।

संडे इंडियन के आलेख तो इंटरनेट पर से लिए गए हों ऐसे प्रतित होते हैं। आप एक तरफ संडे इंडियन और दुसरी तरफ इंडिया टुडे और आऊटलूक रखें तो फर्क अपने आप समझ में आ जाएगा।

जो नही समझ में आता वो यह कि अरिन्दमभाई के पास इतने पैसे आते कहाँ से हैं? पत्रिका छापना कोई मामुली काम नहीं है। वो भी 8-9 भाषाओं में!!! हर हफ्ते!!

मैने इन पत्रिकाओं में कोई खाश विज्ञापन भी नहीं देखा... (देगा भी कौन?). लेकिन फिर भी ये पत्रिकाएँ छप रही हैं। प्लानमेन की पता नहीं क्या प्लानींग या क्या सेटिंग है? मैं नहीं समझ पाउंगा, मेरे पास एम. बी. ए. की डिग्री नहीं है, और मैने कभी आई.आई.पी.एम. का प्रोस्पेक्टस भी नहीं देखा है!

4 Comments:

Anonymous Anonymous said...

हम इनको नहीं जानते, बस आपके माध्यम से ही यही जानकारी है.

7:51 PM, January 23, 2007  
Anonymous Anonymous said...

आईआईपीएम के प्रॉस्पैक्टस के पहले पन्ने पर लिखा है कि हर विद्यार्थी को एक लॅपटॉप मुफ़्त!

पर फ़ीस के बारे में नहीं लिखा है, जाहिर है, फ़ीस इतनी ऊँची है कि ऐसे कई लॅपटॉप की कीमत जुड़ी है.

8:06 PM, January 23, 2007  
Blogger पंकज बेंगाणी said...

@ लालाजी,

सुविधा के लिए मैने लिंक्स उपलब्ध करा दी है।

@ रतलामीजी,

लिखा तो इन लोगों ने इतना ज्यादा है कि यकिन करना भारी पडता है कि जो लिखा है वो लोगों को दिखा भी है कि नहीं!

8:13 PM, January 23, 2007  
Anonymous Anonymous said...

इनकी निर्देशित फिल्म थोड़ी सी देखी थी और अब तक की देखी बकवास फिल्मों में से एक लगी :(

10:45 AM, January 24, 2007  

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