क्या भाई, एक ही बात बार बार आप लोग दोहरा रहे है.. आपके लेख से तो अब यही कहा जा सकता है अपकी वजह से ही नेपकिन को मान्यता मिलने लगी है और कुछ दिनो से ये उपमा लेखो मे लोकप्रिय भी होने लगा है...आप जब आलोचना करते हैं घूम-घूम कर छि: गन्दा और ना जाने क्या.. कुछ उक्साते भी हैं तो अपनी आलोचना पर इतना हाय तौबा क्यो? अब इन बातो को छोड़िये और दूसरी कुछ बातॆं लिखिये. अब इन बातों मे दम नही रहा व्यक्तिगत रुप से आपको सफाई देने की क्या ज़रुरत आ पड़ी ,आपको भी कोई और विषय नही मिल रहा है लिखने को..आप भी चाहते हैं सब इसी मुद्दे पर अट्के रहें..
मुझे उम्मीद थी कि मैं पूणे से लौटुंगा तब तक सब शांत हो जाएगा और कुछ सार्थक पढने को मिलेगा, पर यहाँ तो उल्टा है. सब पील पडे हैं एक दुसरे पर, और लंबी लंबी पोस्ट लिखे जा रहे हैं.
अरे उसको छोड़ो और मेरी नई पोस्ट पढ़ो, मैंने सार्थक लिखा है, पिलम-पिलाई नहीं!! :)
पकंज भाइ अब देखो चाहे बुरा लगे या भला,पर हम बस से नही जाने वाले,जब से कारो की फ़ोटो देखी है,सपने मे भी वही आती है, जिन्होने बस की हो वो बस से जाये हम तो कार से कम पर नही जाने वाले.. कार भिजवाये,मुसकुराहट के साथ,हम तभी जायेगे :)
8 Comments:
जरुरी बातें कही है आपने। नक्सलवाद के सड़ांध से हिन्दी ब्लाग दुनिया प्रदूषित हो रही है। हिन्दी ब्लाग नक्सलाइटों को अब होश ठिकाने आ रहा हैं।
क्या भाई, एक ही बात बार बार आप लोग दोहरा रहे है.. आपके लेख से तो अब यही कहा जा सकता है अपकी वजह से ही नेपकिन को मान्यता मिलने लगी है और कुछ दिनो से ये उपमा लेखो मे लोकप्रिय भी होने लगा है...आप जब आलोचना करते हैं घूम-घूम कर छि: गन्दा और ना जाने क्या.. कुछ उक्साते भी हैं तो अपनी आलोचना पर इतना हाय तौबा क्यो? अब इन बातो को छोड़िये और दूसरी कुछ बातॆं लिखिये. अब इन बातों मे दम नही रहा व्यक्तिगत रुप से आपको सफाई देने की क्या ज़रुरत आ पड़ी ,आपको भी कोई और विषय नही मिल रहा है लिखने को..आप भी चाहते हैं सब इसी मुद्दे पर अट्के रहें..
मुझे उम्मीद थी कि मैं पूणे से लौटुंगा तब तक सब शांत हो जाएगा और कुछ सार्थक पढने को मिलेगा, पर यहाँ तो उल्टा है. सब पील पडे हैं एक दुसरे पर, और लंबी लंबी पोस्ट लिखे जा रहे हैं.
अरे उसको छोड़ो और मेरी नई पोस्ट पढ़ो, मैंने सार्थक लिखा है, पिलम-पिलाई नहीं!! :)
बच्चा ई सब ज्ञान की बातें हैं। इनके चक्कर में मत पड़ो। इस बारे में कुछ भी लिखोगे उस पर दस पोस्टें और लिखी जायेंगी।
कहाँ भैंस के आगे बीन बजा रहे हो भैया, छोड़ो यार।
पकंज भाइ अब देखो चाहे बुरा लगे या भला,पर हम बस से नही जाने वाले,जब से कारो की फ़ोटो देखी है,सपने मे भी वही आती है,
जिन्होने बस की हो वो बस से जाये हम तो कार से कम पर नही जाने वाले..
कार भिजवाये,मुसकुराहट के साथ,हम तभी जायेगे
:)
अब यह सब हटाओ और एक बेहतरीन पोस्ट लगाओ. अब तो घूम भी आये. :)
सही जवाब....
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