पैचान कौन?
पैचान सकते हो मुझे? बताओ कौन हुँ में?
अरे ऐसे तो कैसे बताओगे, तो चलो कुछ hint दे देता हुँ. मै बहुत बडा तोप कलाकार हुँ. या बना दिया गया हुँ. कुछ भी समझ लो, पर हुँ कमाल का. बुड्ढा घोडा लाल लगाम भी कह सकते हो मेरे लिए. मै कभी बुरा नही मानता. लोग कहते है उसके लिए भी दिमाग होना चाहिए. अब क्या पता, मै तो मेरा काम करता हुँ. वैसे "काम" मुझे बहुत पसंद है. काम पर तो अपन ने जबरा काम किया है. किसी की चाल पर फिदा हुआ तो किसी कि कमर पर. और कुछ कर न सका तो फिलम बना डाली. जैसे जी मे आया चलवा लिया उनसे, जैसे जी मे आया दिखवा दिया उनसे. आज मै जिस मुकाम पर हुँ ना, बडी मेहनत कर के पहुँचा हुँ दोस्त. क्या था मै? फिल्मो के पोस्टर रंगा करता था. दो कोडी की भी कमाई नहि थी यार. ये भी कोई जीना हुआ, बोलो. फुटपात पे सोना और पिक्चर के पोस्टर रंगना ये अपने जेहन मे ना था, तो एक दिन खुदा का नाम लिया और कुछ अगडम बगडम रंग दिया. क्या बनाया था मेरे बाप के पल्ले भी नही पडना था, पर राह गुजरते एक कला पारखी को वह चित्र बडा भा गया. पता नही क्या नजर आ गया उसे. उसने कहा वाह क्या घोडा बनाया है, कितने मे बेचोगे. हमने सोचा स्साला बनाया तो कबुतर था, घोडा कैसे दिख गया? पर मेरा क्या जाना था, बेच दिया सेंकडो में. वो मुझे देखता रह गया. ईत्ता सस्ता. अब वो बेचारा क्या जाने इसके आगे अपने को गिनती ही नही आती. पर हम तो खुश थे और वो साहब भी.
बस ऐसे ही आगे बढते गये हम. सफलता की चाबी हाथ लग गई थी ना! बनाओ कुछ भी अगड्म बगड्म और कला के नाम पर बेच दो. नाम भी मिले, दाम भी मिले. फिर मुझे फिर से "काम" भी याद आने लगा. सोचा क्यो ना कुछ सृजनात्मक बनाया जाए. अब अपनी अपनी सोच होती है ना, जाए वँहा तक जाए. तो भाई creativity के नाम पर हमने नग्नता शुरू कर दी. किसीको नही छोडा. देखो तो, पहले सीता को नग्न करके हनुमान की पूँछ पर बिठा दिया. फिर राम सिता को संभोग करते और हनुमान को निहारते भी दिखा दिया. नही, शर्म कैसी? भई creativity भी कोई चीज होती है कि नही? और लो अब तो भारतमाता को भी नग्न कर दिया. कैसी रही. बताइए तो सही.
ये VHP RSS वाले नाहक ही हल्ला करते है. उनको कला की कदर ही कँहा है. पर अपने को कोई फरक नही पडता. इस सेक्युलर देश में सब चलता है. क्या कहा आपने? कुछ पैगम्बर साहब या जीसस क्राईस्ट पर भी creative बनाऊँ. पागल हो क्या? मरना है क्या मुझे.
छोडो ये सब. यह सब ऐसे ही चलता रहेगा. आप तो ये बताओ कि मै हुँ कौन? पैचान कौन?

2 Comments:
अरे भाई मकबूल फिदा हुसैन साब आप के आरोप के जवाब मे यह कहेंगे कि " मेरी फटती नहि है ओसामा जेसे लोगो से| यह तो अल्लाह का फोटो मिलता नहि और मे बहुत क्रिएटीव आदमी तो हु नहि की खुद पेटिंग करु| वरना मे तो उनको भी ना छोडता| बेझिकली मै बहुत दिमाग वाला आदमी हु जिसे आप खुशी खुशी विक्रुत दिमाग कह सकते है| मेरे पास देवियो की बहुत तस्वीरे है इसिलिये उनमे से कपडे निकाल कर मेरे नाम से करोडो मे बेच देता हु और आप जेसे लोग भडक कर मेरा चित्र ओर फेमस बना देते हो और करोडो कमाता हु| शुक्रिया इसलिये| आप को और vh को कमिशन देने कि सोच रहा हु|"
पंकजभाई हमने पैचान लिया यह जनाब को| अब बताओ हमे क्या प्राईझ देते हो? :D
रवि इनाम का हकदार हैं सो,
पंकजभाई, बतोर कमिशन हुसेन साहब से रविभाई की 'वैसी' वाली पंटीग बनवा कर भेट में दे दो.
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