6.3.06

नारदजी का अंग्रेजी प्रेम

वाह नारदजी. आज शाम अचानक आपकी मुलाकात ली तो भोंचका रह गया. अंग्रेजी ब्लोग की फीड देखकर. लगा की मुझसे ही कहीं भूल हो गई होगी. लेकिन फिर देखा खोली तो सही साइट ही है. पर यह क्या, नारदजी अंग्रेजी जमात के खैरख्वाह भी हो गये.

हा हा हा.....

2 Comments:

Blogger Jitendra Chaudhary said...

नही वत्स, ये अंग्रेजी प्रेम नही है
बल्कि किसी भाई की साइट http://prasang.blogspot.com/ किसी हैकर ने हैक कर ली है, और अपनी दुकान खोल ली है।

आप लोग भी अपने अपने पासवर्ड बचाकर रखें और अपने ब्लॉग किसी भी हालत मे डिलीट ना करें।

11:10 PM, March 06, 2006  
Blogger पंकज बेंगाणी said...

अरे बापरे. हम सावधान है.

9:27 AM, March 07, 2006  

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