19.3.07

अरे नही बॉब वुल्मर!!

हे बॉब,

यह क्या हुआ? ये ठीक नहीं.

बॉब क्रिकेट के सबसे आधुनिक कोच में से थे. उन्होने 6 साल दक्षिण अफ्रिका के लिए कोचिंग की थी, और नए और आधुनिक प्रयोग करके टीम को शिखर तक पहुँचाने मे मदद की थी. उसके बाद वे पाकिस्तान के कोच बने. कथित रूप से सबसे अधिक फीस वसूलने वाले बॉब तेज तर्रार कोच थे.

लेकिन सिर्फ एक कोच के किए कुछ नही होता. पाकिस्तान की हार की सारी जिम्मेदारी बॉब की नही

है. टीम के स्लेकशन और मैदान पर की रणनिति सिर्फ कोच की नही होती.

बॉब इस शर्मनाक हार का हिस्सा जरूर थे, पर यह जिम्मेदारी उनको अंतिम पथ पर ले जाएगी ऐसा नही सोचा था.

यह ठीक नही हुआ बॉब. जिन्दगी ऐसे नही गँवाई जाती. जिन्दगी को खेल और खेल ही को जिन्दगी क्यों बनाया आपने?

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3 Comments:

Anonymous Anonymous said...

पाकिस्तान की हार मे बाब वुल्मर का क्या दोष ! उनका कर्य मैदान से बाहर तक ही था।
बाब वुल्मर को मेरी हार्दिक श्रद्धांजली !

9:34 AM, March 19, 2007  
Blogger Udan Tashtari said...

मैनें भी जब यह समाचार सुना तो अच्छा नहीं लगा.हार्दिक श्रद्धांजली !

6:44 PM, March 19, 2007  
Blogger ePandit said...

बॉब यह सब सुनने समझने के लिए अब यहाँ कहाँ। :(

4:07 AM, March 20, 2007  

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