24.3.06

मान गए बहुरानी

बहु हो तो ऐसी. क्या धोबी पछाड देती हो. सचमुच मान गए आपकी उस्तादी को. कल लोकसभा और राष्ट्रीय सलाहकार आयोग से इस्तिफा क्या दिया.. देश मे खलबली मचा दी. और विपक्ष बेचारा तो बगलें झांकता नज़र आया. जोर का झटका धीरे से नही पुरे जोर से ही लगा.

अब जेटली साहब भले ही कहे कि ये हमारी जीत है, सोनियाजी को मजबुरन त्यागपत्र देना ही पडा. लेकिन वास्तविकता तो वो भी समझते होंगे कि एक सोची समझी चाल मे उनकी पार्टी ही नही पुरा विपक्ष, समाजवादी पार्टी के साथ साथ मार्क्सवादी पार्टीयाँ भी फंस चुकी है.

त्याग की देवी बनकर सोनिया अब आगामी चुनावों मे वामदलो पर भारी पडने वाली है. और वामदल के सांसदों के लिए भी भी त्याग के इस मार्ग पर चलना आसान नही होगा. अगर ऐसा होता है तो वामदलो के दसियों सांसदों को त्यागपत्र देना पडेगा, जो उनके लिए खतरे से खाली नही है. वैसे भी हाथ लगी सत्ता को युँ जाने देना आसान काम नही होता.

भारत वैसे भी भावुक देश है. लोगो की भावनाओं को उभारना और उनसे खेलना इस देश मे बहुत आसान है. मुझे वो दिन याद आता है जब सोनिया ने भरपुर नौटंकी के बीच प्रधानमंत्री पद लेने से इंकार किया था. उस दिन कोंग्रेसीयों ने चापलुसी की जो सीमाएँ त्यागी थी वो देखने लायक थी. मन मे हंसी भी आ रही थी और दुख भी हो रहा था कि हमारा देश ऐसी व्यक्तिपूजा से कब बाहर आएगा.

और अब एक और ड्रामा शुरू हो गया. मै इसे सो फिसदी सुनियोजीत ड्रामा ही मानता हुँ. कल रात दूरदर्शन समाचार देख रहा था. क्या कवरेज कर रहे थे वे लोग सोनिया की!! एक तरफ तो बकायदा सोनिया की फ़ोटो वाला विशेष लोगो भी लगा रखा था. इतनी मक्खनबाजी की कि उकता कर मैने टीवी ही बन्द कर दिया.

देखना यह है कि कोंग्रेस को इस स्टंट से कितना चुनावी फायदा मिलता है. क्योंकि इस देश के मतदाताओं को समझना भीष्म पितामह के मन की बात जानने जैसा है - पता ही नही चलता.

खैर जो भी हो... हमारी बहु त्याग की देवी सोनिया ने तो कमाल कर ही दिया. जयहिन्द.

4 Comments:

Blogger अनुनाद सिंह said...

ढोंग, अमर रहे |

4:32 PM, March 24, 2006  
Blogger Kalicharan said...

jab tak suraj chaand rahega,
soniya tera naam rahega.

news main yeh aapne kitni baar dekha.

5:39 PM, March 24, 2006  
Blogger Pratik Pandey said...

यह 'त्याग' नहीं है, बल्कि सोनिया गांधी के इस्तीफ़े को त्याग का नाम देना 'त्याग' का उपहास ही होगा। यह तो वही बात हुई कि 'सौ-सौ चूहे खा बिल्ली हज को चली'।

वैसे, जनता भी अब इतनी मूर्ख नहीं रही है और यह ढकोसला भली-भांति समझती है।

7:26 PM, March 24, 2006  
Blogger Manish Kumar said...

Soniya ji ka main prashanshak to nahin par raajneeti ki is chaal mein baazi to unhone maar hi li hai! Tyag ki bjaay ise sahi raajneetik kadam kahna jyada uchit hoga:)

8:23 PM, March 30, 2006  

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